योगी सरकार का बड़ा एलान : अब उत्तर प्रदेश के इन शहरों में नहीं बिकेगी शराब

November 15, 2018 | Last Modified: November 15, 2018 at 4:21 pm | Category: Uttar Pradesh Government Schemes, सरकारी योजनाएं हिंदी में 2018-19

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करते हुए फैसला लिया है की प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर शराब पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध हो। गुजरात और बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार भी कर सकती है शराबबंदी का एलान। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें की उठता प्रदेश राज्य सरकार ने ब्रज के बरसाना, गोकुल और गोवर्धन सहित अनेक धार्मिक स्थानों पर शराब बंदी कर दी है।

सरकार के इस फैसले के बाद सरकार के प्रवक्ता ने बताया की कैबिनेट ने भगवान कृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों जैसे मथुरा के बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगाव, राधाकुंड और बलदेव में पूर्ण शराबपूर्ण लागू कर दी है।

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मथुरा में शराब बंद कर दी है। योगी के इस फैसले का इंतज़ार काफी दिनों से था जिसके बाद सब कैबिनेट में हुई एक बैठक के बाद मंजूरी दे दी गयी है, बता दें की मथुरा में लोगों ने काफी समय से शराबबंदी को लेकर अपनी मांगे सरकार के समक्ष रखी थी।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मथुरा में शराब बंद कर दी है. योगी के इस फैसले का इंतजार कई लोगों को था, जिसके बाद अब इसको कैबिनेट में हुई एक बैठक के बाद मंजूरी दे दी गई है. बता दें, मथुरा में लोगों ने काफी समय से शराबबंदी को लेकर अपनी मांगे सरकार के समक्ष रखी थी.

बता दें, मथुरा के घोषित तीर्थस्थल बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, नंदगांव राधाकुंड में बुधवार से पूर्ण शराबबंदी लागू हो जाएगी. योगी के इस फैसले के बाद से यहाँ पर मौजूद 26 शराब दुकानों पर ताले लग जाएंगे. योगी के इस फैसले पर अपनी मुहर मंगलवार को लगा दी गई थी.

बता दें, देश में ऐसे कई तीर्थस्थल है, जहाँ पर शराब बंदी पहले से चल रही है. वहीं गुजरात बिहार के रूप में दो ऐसे राज्य है जहाँ पर शराब बंदी है. योगी का यह आदेश पुराना है, बस इस पर मुहर लगनी बाकी थी. तीन महीने पहले ही यहाँ पर 26 शराब दुकानों को अपनी दुकाने शिफ्ट करने के आदेश मिल चुके थे. योगी के इस फैसले के बाद यहाँ पर लोगों को ख़ुशी है हालाँकि इसके बाद यहाँ पर आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक तरह से थोड़ा झंझट वाला काम हो सकता है वहीं ब्लैक के धंधे को भी रोकने के लिए पुलिस के सामने एक चुनौती होगी.

Related Content