सूचना क्रांति योजना छत्तीसगढ़ – 56 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित

December 23, 2017 | By Lekhraj | Filed in: सरकारी योजनाएं हिंदी में 2019-20.

छत्तीसगढ़ में 56 लाख लोगों को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित करने के लिए “सूचना क्रांति योजना (SKY)” शुरू की गई है। घर के मुखिया के हाथों से होते हुए अब संचार क्रांति का शस्त्र गृहणी और बच्चों के हाथों तक पहुंच चुका है। राज्यभर में नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिए 2000 से ज्यादा ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा रहा है। डॉ. रमन सिंह सरकार के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग की संस्था छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा प्रदेश में 5 हजार से ज्यादा लोक सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में सूचना क्रांति योजना (SKY) की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत 55 से 56 लाख गरीबों, महिलाओं और कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों को निःशुल्क स्मार्ट फोन देने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में संपर्क क्रांति की अवधारणा पर बल देते हुए मोबाइल फोन, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने अपने यहां संचार नेटवर्क के विस्तार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का नेटवर्क तैयार किया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक घरों में फोन की सुविधा देना भी इस योजना का एख प्रमुख उददेश्य है। योजना के तहत दिए जाने वाले स्मार्ट फोन के जरिए लोग सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का फायदा जल्द से जल्द प्राप्त कर सकेंगे। संचार क्रांति के इस युग में राज्य निर्माण के पिछले 17 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने मोबाइल फोन कनेक्शनों की संख्या 1 करोड़ 66 लाख 65 हजार के पार पहुंच गई है।

वहीं राज्य निर्माण के समय वर्ष 2000 की स्थिति में प्रदेश में मोबाइल फोन कनेक्शनों की संख्या न के बराबर थी। डॉ. रमन सिंह सरकार ने बस्तर में संचार नेटवर्क बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की मदद से बस्तर नेट परियोजना की भी शुरूआत की है। इसके अंतर्गत 40 करोड़ रुपए की लागत से 832 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर केबल रिंग बिछाए जाएंगे। सीएम की पहल पर माओवादी प्रभावित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 146 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं. इसी के बलबूते ही राज्य सरकार ने साल 2022 तक माओवादी समस्या के खात्मे की बात कह रही है।


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