सतत जीविकोपार्जन योजना बिहार – शराब कारोबार से जुड़े गरीब परिवारों के लिए रोज़गार / ऋण

August 6, 2018 | Last Modified: August 6, 2018 at 11:00 am | Category: Sarkari Yojana 2018-19, सरकारी योजनाएं हिंदी में 2018-19

बिहार में शराबबंदी से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने सतत जीविकोपार्जन योजना की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत गरीब परिवारों को रोजगार और रोजगार के लिए ऋण मुहैया कराया जायेगा । बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार इस योजना का सुभारम्भ ५ अगस्त को किया था । नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में सभी प्रकार के तरल पदार्थों पर प्रतिबंध लगा दिया था, इसलिए बड़ी संख्या में परिवार बेरोजगार हो गए। अब शराब और टोडी की बिक्री में लगे परिवारों को सतत जीविकोपार्जन योजना बिहार की एक नई योजना के तहत नौकरी मुहैया कराई जाएगी।

राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने इस प्रकार की योजना का सुझाव दिया था और राज्य कैबिनेट ने अप्रैल के महीने में इस योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना से 1 लाख गरीब परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने की उम्मीद है जिनकी आजीविका केवल शराब की बिक्री थी।

बिहार की राज्य सरकार ने इस योजना को उन लोगों को बेहतर आजीविका प्रदान करने के लिए शुरू किया है जो पारंपरिक रूप से राज्य में शराब बेचने और उत्पादित करने से जुड़े थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगारी प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की ताकि वे गरीब परिवार बेहतर जीवन जी सकें।

सतत जीविकोपार्जन योजना से जुडी जानकारी

कैबिनेट ने अप्रैल के महीने में इस योजना को मंजूरी दे दी थी और मुख्यमंत्री ने 5 अगस्त को इस योजना को लॉन्च किया है, हालाँकि इस योजना से जुडी सही प्रकार की जानकारी अभी जारी नहीं की गयी हैं लेकिन इससे जुडी कुछ जानकारी नीचे दी गयी हैं ।

  • असल में यह योजना उन परिवारों के लिए है जो पारंपरिक रूप से राज्य में शराब विज्ञापन टोडी के उत्पादन से जुड़े थे।
  • प्रारंभिक चरण में इस योजना के तहत लगभग 1 लाख परिवारों को रोजगार दिया जाएगा।
  • अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य समुदायों के परिवार भी सतत जिविकोपरण योजना के तहत जोड़े जाएंगे।
  • यह योजना एक सर्वेक्षण के बाद शुरू की गई है जिसमें सरकार को पता चला कि शराब उत्पादन से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थितियां शराबबंदी होने के बाद कमजोर हो गईं, इसलिए उनके पास कोई वैकल्पिक रोजगार नहीं था।

सतत जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत मिलने वाले रोजगार एवं ऋण

  • इस योजना के तहत बकरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, नीर, अगरबत्ती निर्माण और सूअर पालन के लिए 60 हजार से 1 लाख रूपये तक का सहयोग राशि दिया जाएगा।
  • शराब के व्यापार को छोड़ सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं का बिहार सरकार द्वारा जीवन बीमा किया गया।

इसके अंतर्गत अगले तीन वर्ष में 840 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है. इसमें 25% राशि सरकार अनुदान देगी और शेष 75% राशि का बंदोबस्त ग्रामीण विकास विभाग अपने स्तर पर करेगा. इसमें प्रत्येक परिवार को न्यूनतम 60 हजार और अधिकतम एक लाख रुपये दिये जायेंगे |

इस योजना को सरकार ने ‘ग्रैजुअल एप्रोच’ का नाम देते हुए कहा कि इस योजना के पूर्ण रूप से सफल क्रियान्वयन के बाद तीन साल बाद राज्य से इस स्तर के निर्धनतम या हाशिये पर जीवन बसर कर रहे परिवारों की संख्या समाप्त हो जायेगा. इनके लिए खासतौर से जीविकोपार्जन का बंदोबस्त होने से अवैध शराब के कारोबार से ये दूर होंगे.

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