राजस्थान राज्य स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव – युवा कलाकारो को कला रत्न अवार्ड से सम्मानित

January 11, 2018 | Last Modified: January 11, 2018 at 10:47 am | Category: सरकारी योजनाएं हिंदी में 2018-19

राजस्थान में कला-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए तथा युवाओं को दिशा मंच प्रदान करने के लिए “राज्य स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव” के तहत राज्य स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव किया गया है। इस महोत्सव का उद्देश्य राजस्थान युवा बोर्ड, युवा मामले व खेल विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘‘राज्य स्तरीय युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव‘‘ का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा राजस्थान युवा ‘‘कला रत्न‘‘ अवार्ड समारोह के साथ समापन हुआ।

राजस्थान युवा बोर्ड के अध्यक्ष भूपेन्द्र सैनी ने इस आयोजन के उद्देश्य के बारे में बताया कि राज्य के प्रतिभाशाली युवा कलाकारों की खोज कर उन्हें उनकी रूचि की कला में समुचित प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति की सुविधा देकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु तैयार कर उनको स्वावलम्बी बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सात संभागों में युवाओं के आवास हेतु युवा भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि उनके प्रशिक्षण हेतु समुचित व्यवस्था हो सकें। युवाओं के समग्र विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे है।

इस प्रतियोगिता में सामूहिक प्रतियोगियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को क्रमशः पन्द्रह, दस व सात हजार रूपये के पुरस्कार तथा एकल स्पर्धाओं के विजेताओं को तीन हजार, दो हजार एवं एक रूपये के नगद पुरस्कार प्रदान किये गए। दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान के आॅडिटोरियम में सोमवार से शुरू हुए इस युवा महोत्सव में विभिन्न कलाओं की स्र्पधाए हुई। इनमें भित्तिचित्र कला, फड़, गायन, वादन, नृत्य, पेंटिंग व आशुभाषण और नाट्य विधा शामिल रहीं।

सभी प्रतियोगिताओं में पूर्व में संभाग स्तर पर चयनित करीब 600 उभरते कलाकारों ने अपने फन को उजागर किया। समारोह में मुख्यअतिथि गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया एवं कृषि मंत्री डाॅ.प्रभुलाल सैनी उपस्थित रहे। इस सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी जैसी क्लासिकल डांस की स्पर्धाओं के साथ ढोलक, खड़ताल, मृदंगम् जैसे लोकवाद्यों की प्रतियोगिताएं भी हुई।

समारोह के समापन दिवस पर लद्यु नाटक कम्पिटीशन हुए। नाटकों के विषयों में समाज में व्यापत-भ्रष्टाचार पर्यावरण सरंक्षण, वीर सैनिक, बेटी बचाओं स्वच्छ भारत, वृद्धाश्रम आदि पर कलाकारों ने अपना अभिन्य दर्शाया। कार्यक्रम स्थल पर लगाई पेंटिंग एग्जीबिशन में आर्टिस्ट ने बेटी बचाओं ओर स्वच्छ भारत विषय पर अपनी कलात्मक सोच को रंगों-भावों में उकेरा।

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