मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना बिहार – भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन खरीदने हेतु 60 हजार रुपये की सहायता

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजातियों के लिए एक विशेष योजना मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना की शुरुआत की है । इसी योजना के साथ साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का सुभारम्भ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना में भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन खरीदने के लिए 60 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. इस योजना के तहत जमीन खरीदने वालों को रजिस्ट्री शुल्क समेत अन्य किसी तरह की फीस भी नहीं लगेगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण आ‌वास योजना के तहत वर्ष 1996 के पहले जिनका इंदिरा आवास बना है और अब वह जर्जर हालत में पहुंच गया है, तो इन्हें घर बनाने के लिए नये घर के बराबर एक लाख 20 हजार रुपये दिये जायेंगे. बिहार देश का पहला राज्य है, जहां ये योजनाएं शुरू की हैं.
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित समाराेह के दौरान सीएम ने 244 लाभुकों को ग्रामीण आवास योजना और 206 लाभुकों को वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत चेक प्रदान किया।

नीतीश कुमार ने कहा कि जो गरीब इस रुपये से जमीन खरीद लेंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिये जायेंगे. सभी राशि लाभुकों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जायेगी. पीएमएवाई की प्रतीक्षा सूची में कई लोगों के नाम आने के बाद भी उनके पास जमीन नहीं होने से वे घर नहीं बनवा पाते थे. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने अपने स्तर से यह खास पहल की है।

मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना बिहार की पूरी जानकारी

प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएई-जी) १.२ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। नए घरों के निर्माण के लिए ग्रामीण लोगों को 1,20,000। लेकिन अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / ओबीसी श्रेणी के कुछ लोगों के पास जमीन नहीं है, ताकि वे अपने घर बना सकें। इसलिए वे पीएमए-जी आवास योजना के लाभों का लाभ उठाने से वंचित हैं। सरकार। ने सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 के आंकड़ों से ऐसे लोगों की पूरी सूची तैयार की है।

अब राज्य सरकार रुपये की सहायता प्रदान करेगा ऐसे एससी / एसटी / ओबीसी श्रेणी के लोगों को 60,000 लोगों को अपनी जमीन खरीदने में सक्षम बनाने के लिए। इससे उन्हें प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभों का लाभ उठाने और अपना घर रखने का सपना पता चल जाएगा। सरकार। इन भूमियों की खरीद पर कोई पंजीकरण शुल्क नहीं लेगा।

ग्रामीण विकास विभाग अगले 5 महीनों में मुखमंत्ररी वास स्थल सहा सहायता योजना के तहत लगभग 22,000 लोगों को सहायता प्रदान करने जा रहा है। वास भूमि क्रय के लिए साठ हजार रुपए उपलब्ध कराए जाने की योजना का लाभ उन लोगों को भी दिए जाने को ले काम अारंभ है जिनके नाम एसईसीसी में छूट गए हैं। सितंबर तक एेसे लोगों के नाम केंद्र सरकार के संबंंधित मंत्रालय ने मांगे थे। इनके नाम राज्य सरकार ने भेज दिए हैं। छूट गए लोगों को राज्य सरकार अपनी तरफ से मदद करेगी। संवाद कक्ष में कई लोगों को मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप में सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया।

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