मुख्यमंत्री अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना बिहार पत्र आवेदन योग्यता एवं लाभ

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना और सतत जीविकोपार्जन योजना की शुरुआत की है । इस मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक एससी / एसटी उद्योग योजना के तहत सरकारअनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजातियों की श्रेणी के सभी उद्यमियों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जायेगा । मुख्यमंत्री एससी-एसटी उद्यमी योजना के तहत अब अनुसूचित जाति एवं जनजाति के युवा एवं युवतियों को 5 लाख तक का लोन बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा। अब एससी-एसटी के युवा व युवतियों को उद्योग स्थापना करने एवं बेरोजगारी खत्म करने को लेकर सरकार के निर्णय के बाद 5 लाख का ऋण उन्हें बिना किसी ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का कार्यान्वयन बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट द्वारा की जायेगी |

उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डा एस सिद्धार्थ ने बिहार के सभी जिला उद्योग केंद्र को पत्र भेजकर एससी-एसटी उद्यमी योजना के तहत लाभ देने की बात कही है। इसके साथ ही आवेदकों का चयन किए जाने के बाद उसे परियोजना के लागत का 50 फीसदी तक अनुदान भी दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना में उन युवाओं को बिहार औद्योगिक निवेश नीति 2016 के तहत मिलने वाले लाभ भी दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना – ऐसे करें आवेदन 

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना का आवेदन भरने की प्रक्रिया नीचे दी गयी है

  • इस योजना का फायदा लेने के लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक http://www.udyogmitrabihar.in पोर्टल पर जाने होगा
  • उसके बाद मुख्यमंत्रीअनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के आगे अधिक जानकारी पर क्लिक करें
  • उसके बाद योजना के लिए रजिस्टर करें पर क्लिक करें
  • अब रजिस्ट्रेशन फॉर्म में पूछी हुए जानकारियों को भरे और OTP प्राप्त करें पर क्लिक करें
  • उसके बाद आप आवेदन पत्र भर सकेंगे
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योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों की योग्यता

  1. बिहार के निवासी हो ।
  2. अनूसचित जाति/अनूसचित जनजाति वर्ग के अन्तर्गत हो ।
  3. कम-से-कम 10+2 या इन्टरमीडियट, आई0 टी0 आई0 , पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष उतीर्ण हो ।
  4. 18 वर्ष अथवा इससे अधिक उम्र के हो ।
  5. इकाई प्रोपराईटरशीप फर्म, पार्टनरशीप फर्म , LLP अथवा PVT. Ltd. Company के तहत निबंधित हो ।

योजना के अन्तर्गत लाभ

  1. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के युवा व युवतियों को उद्योग स्थापना करने एवं बेरोजगारी खत्म करने के लिये 5 लाख का ऋण उन्हें बिना किसी ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा।
  2. इसके साथ ही आवेदकों का चयन किए जाने के बाद उसे परियोजना के लागत का 50 फीसदी तक अनुदान भी दिए जाने का प्रावधान है।
  3. इसके अतिरिक्त सभी लाभुकों के प्रशिक्षण एवं परियोजना अनुश्रवण समिति (PMA ) सहायता के लिए प्रति इकाई रू 25,000 /- (पचीस हजार रुपये) की दर से व्यय किया जायेगा |

बैंकों के बहुत कम ही युवा थे जो बैंक से लोन ले पा रहे थे। सरकार ने इस परेशानी काे देखते हुए ऋण की एक अलग योजना ही बना दी। 50 फीसदी अनुदान की वजह से लोन लेने वाले युवाओं को ली गई राशि का 50 प्रतिशत पैसा ही लौटाना है। लाभार्थियों को तीन किस्त में ऋण की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। किस्त की राशि शेड निर्माण और भूति उपलब्धता के लिए, दूसरी किस्त विकास के लिए और तीसरी किस्त वर्किंग कैपिटल के रूप में प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही लाभार्थियों के चयन के लिए प्रधान सचिव उद्योग विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है।

 

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