कैसे पाएं झारखण्ड धान खरीद योजना का लाभ – जानिए क्या है तरीका ?

December 3, 2018 | Last Modified: December 3, 2018 at 11:36 am | Category: How to Apply, Jharkhand Government Schemes

झारखण्ड प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने हाल ही में धान अधिप्राप्ति योजना की शुरुआत की हैं जिसके अंतर्गत राज्य सरकार किसानों की धान की फसल को 1750 रूपए प्रति कुंतल के हिसाब से खरीदेगी। झारखण्ड धान खरीद योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गरीब किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कराना है।

जैसा के आप सभी जानतेहैं की झारखंड राज्य में चावल की पैदावार बहुत ज्यादा है क्योंकि वहां का मौसम, जलवायु एवं मिटटी सभी धान के खेती के लिए उचित मानी जाती है। चावल के पैदावार अधिक होने के कारण वहां के किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था इस वजह से झारखण्ड राज्य सरकार ने झारखण्ड धान अधिप्राप्ति योजना की शुरुआत की है।

झारखण्ड धान खरीद योजना के तहत राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा निश्चित की गयी धन का न्यूनतम मूल्य मस्प से ही धान की फसल को खरीदेगी। इस योजना से राज्य के किसान को बहुत फायदा होगा क्योंकि उनकी मेहनत की सही कीमत मिलेगी और साथ ही वो आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे।

धान खरीद योजना झारखण्ड के माध्यम से सबसे बाद फायदा किसानों को ये होगा की उन्हें अपनी फसल को बेचने के लिए किसी भी बिचौलिए की जरुरत नहीं पड़ेगी, फिर उनको अपनी फसल की पूरी और सही रकम मिल जाएगी। मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) सरकार द्वारा तय कीमत है, जिससे सभी को मानना अनिवार्य है, कोई भी इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं कर सकता है।

क्या है झारखंड धान खरीद योजना ?

जैसा की आपको ऊपर बताया गया है की राज्य सरकार इस योजना के तहत सभी किसानों की धान की फसल को MSP मूल्य पर खरीदेगी इसके आलावा झारखण्ड राज्य सरकार वर्तमान के वित्तीय वर्ष के अनुसार किसानों को बोनस देने पर भी विचार कर रही है। झारखण्ड धान अधिप्राप्ति योजना 1 दिसम्बर 2018 से शुरू हो चुकी है जोकि 31 मार्च 2019 तक आरम्भ रहेगी।

झारखण्ड राज्य सरकार ने भारतीय खाद्य निगम मॉडल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये हैं, आपकी सुविधा के लिए सरकार द्वारा एक PACS अधिकारी और एक ऑपरेटर सेह खाता सरकार को खरीद जानकारी प्रदान करने के लिए मौजूद रखा गया है।

कैसे करें झारखंड धान खरीद योजना में आवेदन ?

अगर आप झारखण्ड में रहने वाले किसान है और धान की पैदावार करते हो तो आप अपनी फसल को मस्प मूल्यों पर बेच सकते हैं जिसमे आवेदन करने के लिए आप निचे दी गयी प्रक्रिया का अनुसरण कर सकते हो:-

  • झारखंड धान अधिप्राप्ति योजना में आवेदन करने के लिए या इस योजना का फायदा लेने के लिए कोई भी अतिरिक्त नामांकन आवश्यक नहीं है।
  • प्रदेश के सभी किसानों को इस योजान के बारें में SMS के माध्यम से सूचित किया जायेगा, कृषि विभाग द्वारा प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को SMS भेजा जायेगा।
  • SMS के माध्यम से किसान निकटतम धान खरीद केंद्र के बारें में जानकरी होगी।
  • SMS प्राप्त करने के इच्छुक किसानों को धान खरीद केन्द्रो के प्रभारी अधिकारीयों को संपर्क करना होगा।
  • प्रभारी अधिकारी प्रत्येक किसान को एक टोकन नंबर और एक तारिख बताएगी और किसान को उसी तारिख को केंद्र पर पहुंचना होगा और अपना टोकन जमा करना होगा।
  • उसके बाद अधिकारी धान का निरिक्षण करेंगे और बिक्री विवरणों को नोट करेंगे।
  • खरीद पूरी होने के बाद और सारी औपचारिकता होने के बाद, धान की कीमत किसानों के बैंक कहते में डायरेक्ट बेनिफिट
  • राज्य सरकार ने मुख्य रूप से कहा है कि इस योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए कोई अतिरिक्त नामांकन आवश्यक नहीं है।
  • सभी किसानों को इस योजना के बारे में एक एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को एसएमएस मैसेज भेजा जाएगा।
  • एसएमएस (SMS) में निकटतम धान खरीद केंद्र के बारे में जानकारी होगी।
  • मेसेज प्राप्त करने के बाद इच्छुक किसानों को धान खरीद केंद्रों के प्रभारी अधिकारियों को सम्पर्क करना होगा।
  • अधिकारी प्रत्येक किसान को एक टोकन नंबर और एक तारीख बताएगी। इस तारीख पर किसान को केंद्र तक पहुंचना होगा और टोकन जमा करना होगा।
  • अधिकारी धान का निरीक्षण करेंगे और बिक्री विवरणों को नोट करेंगे।
  • खरीद पूरी होने के बाद और सारी औपचारिकता होने के बाद, धान की कीमत किसानों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT, NEFT) द्वारा भेजी जाएगी। फसल बेचने के 15 दिन के अंदर किसानों को उसकी कीमत मिल जाएगी।
धान खरीद योजना झारखण्ड

धान खरीद योजना झारखण्ड

इस योजना के लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता

अगर आप इस योजना के फायदा लेना चाहते हैं तो अपनों निचे दी गयी पात्रता का अनुसरण करना होगा:-

  • इस योजना का लाभ केवल झारखण्ड के किसानों को ही मिलेगा, दूसरे प्रदेश के किसान इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।
  • झारखण्ड धान अधिप्राप्ति योजना का लाभ उन्ही किसानों को मिलेगा, जो धान की खेती करते हैं क्योंकि इस योजना के अंतर्गत किसानों से सिर्फ धान की खरीद करेगी।
  • किसानों को अपनी कोई भी ईद दिखानी अनिवार्य है जैसे की आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि।
  • धान के खेती से जुड़े सभी इच्छुक कृषि मजदूरों को अपने बैंक खाते के विवरण जमा करना अनिवार्य है और सभी लेनदेन बैंक कहते के माध्यम से ही करेगी।
  • जिन किसानों के पास बैंक खाता नहीं है वो इस योजना का लाभ नहु उठा सकते हैं।

योजना के मुख्य बिंदु

  • खरीद केंद्र  सरकार ने राज्य के सभी हिस्सों में खरीद के लिए योजना शुरू की हैं , इसके लिए 293 केंद्र चुने गए है, जहाँ किसान धान की बिक्री कर सकता है. भविष्य में और अधिक केंद्र भी इस लिस्ट में जोड़े जा सकते है.
  • धान की कीमत  झारखंड सरकार आम किसानों से धान 1750 रूपए/ क्विंटल कीमत पर खरीदेगी, यह कीमत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई है.
  • बोनस सुविधा – इस योजना के अलावा, कृषि श्रमिकों को अतिरिक्त बोनस भी दिया जायेगा।
  • मुख्य तारीख  धान अधिप्राप्ति योजना के अंतर्गत धान की खरीद 1 दिसंबर 2018 से शुरू हो जाएगी,जो 31 मार्च 2019 तक चलेगी। इस बीच किसान इन केंद्र में जाकर अपने धान को खरीददार को बेच सकते है.
  • संथाल परगना क्षेत्र में आने वाले जिले गोड्डा, देओघर, जामतारा में राज्य सरकार धान की खरीद विकेन्द्रीकृत सिस्टम के द्वारा करेगी।
  • धान की आसान खरीद के मार्ग प्रशस्त करने के लिए, झारखंड सरकार ने पहले से ही कई नियमों को बदल दिया है, जो भारत के खाद्य निगम के तहत आते हैं।
  • नोडल एजेंसी  राज्य सरकार ने घोषणा की है कि खाद्य निगम (FCI) नोडल एजेंसी का हिस्सा बनेगी। इस मुख्य केंद्र के लिए पालमु क्षेत्र को चुना गया है. इसके अलावा उत्तर और दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र और संथाल परगना एवं कोल्हाण क्षेत्र के लिए  राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

हर एक धान खरीद केंद्र में एक सरकारी अधिकारी, एक पीएसीएस अधिकारी और एक ऑपरेटर होगा, ये लोग सभी किसान और धान खरीद का लिखित में जानकारी रखेंगें। इनको केंद्र में होना अनिवार्य है, ये अधिकारी खरीद की जानकारी को सरकार तक पहुचाएंगें।

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