डीईएमयू – सोलर पैनल वाली डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन का शुंभारंभ

July 15, 2017 | Last Modified: July 15, 2017 at 12:17 pm | Category: सरकारी योजनाएं हिंदी में 2017-2018

सोलर पैनल वाली डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन का शुंभारंभ 14 जुलाई, 2017 को किया | यह सोलर पैनल वाली डीईएमयू ट्रेन देश में पहली बार किया गया है | इस सोलर पैनल ट्रैन को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना कर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन तक रवाना किया | इस दौरान सुरेश प्रभु ने कहा कि इंडियन रेलवे को इन्वायरमेंट फ्रेंडली बनाने में लंबी छलांग है और एनर्जी के गैर-परंपरागत तरीकों को बढ़ावा मिलेगा |

सोलर पैनल डीईएमयू ट्रैन :

DEMU ट्रेन आमतौर पर मल्टीपल यूनिट ट्रेन होती है | इस ट्रैन को इंजन के द्वारा बिजली मिलती है | इस ट्रैन में डीजल जनरेटर लगाना पड़ता है लेकिन अब इस ट्रैन में जरूरत नहीं होगी | इस ट्रैन में सोलर पैनल के जरिये इसका इस्तेमाल अब रात के समय भी कर सकते है | सोलर पैनल की वजह से लाइट, पंखे, इंफॉर्मेशन डिस्प्ले का इस्तेमाल कर सकते है | ऊर्जा शिमला कालका टॉय ट्रेन सहित छोटी लाइन पर पहले से सौर ऊर्जा से युक्त ट्रेन चल रही है | राजस्थान में भी सोलर पैनल युक्त लोकल ट्रेन का ट्रायल हो चुका है लेकिन इनमें सौर ऊर्जा को संचित करने की सुविधा नहीं है | चैन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी में निर्मित इस छह कोच वाले रैक को दिल्ली के शकूरबस्ती वर्कशॉप में सौर पैनलों से सुसज्जित किया गया है | इन ट्रेनों में इंडियन रेलवेज ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अल्टरनेटिव फ्यूल ने इन्वर्टर लगाया है, जिससे बैटरी की सहायता से रात के समय भी भरपूर ऊर्जा देता है |

यह पैनल दिन भर में 20 सोलर यूनिट बिजली बनाएगा, जिसमें से 120 एंपीयर ऑवर (एएच) क्षमता की बैटरियों में सहेज ली जाएगी | इस DEMU ट्रेन के हर हर कोच पर 300-300 वॉट के 16-16 सौर पैनल लगे हुए है | इन सोलर पैनल की कुल क्षमता 4.5 किलोवाट है, इससे करीब 28 पंखे और 20 ट्यूबलाइट जल सकेंगी | ट्रैन में संरक्षित सोलर बिजली से ट्रेन का काम दो दिन तक चल सकता है | पूरी परियोजना लागू हो जाने पर रेलवे को हर साल 700 करोड़ रुपए की बचत होगी |

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