छत्तीसगढ़ जलाशय योजना – लोगों को सिंचाई सुविधा के लिए

January 22, 2018 | Last Modified: January 22, 2018 at 3:41 pm | Category: सरकारी योजनाएं हिंदी में 2018-19

छत्तीसगढ़ में लोगों को सिंचाई सुविधा के लिए “चिखलाकसा जलाशय योजना” की शुरुआत की है। इस योजना के मूर्त रूप लेने से चिखलाकसा एवं दानीटोला के 292 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एसके सहारे ने बताया कि योजना का कार्य 1980 से आरंभ हुआ था और चालीस प्रतिशत कार्य पूरा भी कर लिया गया था। लेकिन वन अधिनियम 1980 लागू होने के कारण इसमें तकनीकी बाधा आ गई और मामला 34 सालों के लिए लंबित हो गया।

श्री सहारे ने बताया कि चिखलाकसा और दानीटोला के लोगों को सिंचाई के लिए सुविधा मिल सके, इसके लिए कलेक्टर श्री भीम सिंह ने पहल की। उनके प्रयासों से वन विभाग ने स्वीकृति दिलाई और 27.10 हेक्टेयर राजस्व भूमि को हस्तांतरित किया गया। इसके बाद 26 दिसंबर को जलाशय निर्माण कार्य करने हेतु व्यपवर्तन की अनुमति प्राप्त हो गई। चिखलाकसा जलाशय योजना में बांधपार की लंबाई 675 मीटर, बांयी नहर 4.20 किमी एवं दांयी तट नहर 3.90 किमी का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

योजना में 4 करोड़ 36 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति शासन द्वारा 31 मार्च 2011 को प्रदान की गई थी। योजना की लागत में आई वृद्धि के चलते 9 करोड़ 28 लाख रुपए का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर 21 दिसंबर को शासन को प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर श्री भीम सिंह के मार्गदर्शन में जिले में तेजी से सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी के लिए कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानपाठ बैराज योजना भी बनकर तैयार हो गई है। 59 करोड़ रुपए की लागत से 1950 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

मनरेगा के माध्यम से भी जलसंरक्षण के लिए विस्तृत कार्य जिले में किए जा रहे हैं। जिले में जलसंरक्षण एवं जलसंचय के 128 करोड़ रुपए के 16 हजार कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसमें 55 करोड़ रुपए की लागत से 710 तालाब गहरीकरण कार्य, 26 करोड़ रुपए की लागत से 237 नये तालाब निर्माण कार्य, 3340 डबरी निर्माण कार्य, 9268 सोकपीट निर्माण कार्य, 742 नाला बंधान कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

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